अपनी हिंदी

हिंदी हमारी मातृभाषा है और हमें हिंदी से प्यार है। किसी रचना का आंकलन उसके रूप से न करके उसके अर्थ और प्रभाव से किये जाने को बढ़ावा मिलना चाहिए। हरेक भाषा का अपना स्थान है और हमें हिंदी बोलने में, लिखने में और सुनने में कोई शरम नहीं है । यहाँ आपको कविता, कहानी, लघु कथा, संस्मरण आदि रसवान रचनाएँ प्राप्त होगी ।

हमारा लिखना ही हमें ज़िंदा रखता है।